इस ब्लॉग के पुराने पाठक भूले नहीं होंगे कि मैं कभी कभार बाजार के कुछ नए प्रोडक्ट की चर्चा करता रहा हूँ जो मेरी पसंद के होते हैं और उनकी चर्चा का यहाँ उद्येश्य होता है कि आप भी चाहें तो उन्हें आजमा सकते हैं . मतलब मेरी उन प्रोडक्ट के लिए सिफारिश तो रहती है लेकिन इसका अर्थ यह कदापि नहीं रहता कि मैं उन प्रोडक्ट को किसी व्यावसायिक निहितार्थ से प्रमोट कर रहा होता हूँ और न ही कम्पनियों/प्रतिष्ठानों द्वारा मुझे सम्बन्धित प्रोडक्ट का ब्रांड अम्बेसडर या प्रतिनिधि ही बनाया गया रहता है . इसी तरह एक प्रोडक्ट मुझे यहाँ राबर्ट्सगंज की बाज़ार में दिखा -जो नया तो नहीं है , है बहुत पुराना, मगर प्रेजेंटेशन बढियां है -अशोक के सत्तू . आप जानते ही हैं अशोक मसालों का मशहूर ब्रांड है .
सत्तू का नाम ले लीजिये तो किसी भी असली पुरवयिये के मुंह में पानी आ जाता है। यह है ही इतनी शानदार खाद्य सामग्री जिसका बहुविध प्रयोग पुरवयिये करते हैं -यह घोल के पिया जाता है ,अर्ध गीला करके खाया जाता है ,इसकी फंकी लगाई जा सकती है . बाटी के भीतर भर कर पका कर खाया जाता है . और मजे की बात कि मीठा और नमकीन दोनों तरह का सत्तू लोगों को पसंद है . मुझे नमकीन सत्तू पसंद है तो घरवाली मीठे सत्तू की शौक़ीन है . सत्तू का एक पर्व भी है जिसे सतुआ संक्रांति या सतुआन कहा जाता है जिस दिन पूर्वांचल के लोग पूरे आध्यात्मिक भाव से सत्तू का भोग लगाते हैं -अभी कुछ दिन पहले ही यह पर्व यहाँ बीता है
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सत्तू का मुख्य घटक पिसा भुना चना और जौ का आटा है जो एक निश्चित अनुपात में मिलाया जाता है . यह एक बेहतरीन अत्यल्प कैलोरी का तुरंता भोजन है -बस पानी और नमक या चीनी /गुड मिलाया और उदरस्थ कर लिए . हर जगहं हर वक्त खाने में सहज है . मेरी एक मित्र हैं मध्य प्रदेश सिविल सर्विसेज में ऊंचे ओहदे पर हैं वे अपनी पर्स में सत्तू रखती हैं और मीटिंग के दौरान भी इसे इस्तेमाल में ले लेती हैं . वे बड़ी फैन हैं इस नायाब खाद्य सामग्री की। इसके बढ़ते डिमांड को देखते हुए व्यावसायिक प्रतिष्ठान इसका वैल्यू एडीशन कर बाज़ार में आकर्षक पैक में उतार रहे हैं और सेवन की विधि भी लिखी हुई है . आज मैंने अशोक के इस सत्तू ब्रांड का सेवन किया -अच्छा है . आप भी ट्राई कर सकते हैं . बस चार चम्मच एक गिलास में लीजिये ,भुना जीरा,पुदीना पावडर,नमक /चीनी मिलाईये और गटक लीजिये -इस गर्मी में इससे सुस्वादु पेय शायद ही कोई दूसरा हो! कुछ और बेहतर स्वाद आप अपने तरीके से भी कर सकते हैं .अशोक मसाले वालों का यह पेज भी देख सकते हैं .
यह सत्तू का सीजन है -कभी तो आजमाईये!









