बुधवार, 27 जनवरी 2010

अगले कुछ दिन मेरे लिए मेरे लिए बहुत हेक्टिक होने वाले हैं!

आज से पॉँच दिनों के लिए लखनऊ निकल रहा हूँ -एक शुभ कार्य के लिए .जब यह पोस्ट प्रकाशित होगी मैं लखनऊ पहुँच चुका रहूँगा और लखनऊ के ब्लागरान के डिस्पोजल पर होऊंगा .अगले पॉँच दिन तो ब्लागिंग बंद ही रहेगी ....काम का बोझ जो रहेगा. हाँ एक दिन ब्लॉगर मीत भी जुटेगें ही शामे  अवध 'मीट' में ! संयोजन मित्र ज़ाकिर अली रजनीश करेगें !संभवतः ३० जनवरी को शामे अवध एक बार और गुलजार होगी..... ब्लागमय हो उठेगी.

मैं एक परियोजना जो मेरे मन  की उपज है पर भी अवध रिसर्च फाउन्डेशन से बात करूंगा -वह है राम वन गमन पथ पुनरुद्धार परियोजना .याद है ,अटल जी के समय में एक स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना का सूत्रपात हुआ था जो आज भी प्रगति पर है .मगर मुझे इन  राजनयिकों की सूझ पर भी तरस  आता है कि ये इस धर्म प्राण देश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने चरित नायको की स्मृति में राम वन गमन पथ पुनरुद्धार जैसी परियोजना या फिर भव्य  राम पथ का निर्माण करने का संकल्प क्यों नहीं लेते . भारत का बच्चा बच्चा श्रीराम के लिए आज भी सब कुछ न्योछावर कर देगा ..वोट तो वोट एक ठोस काम भी हो जायेगा -अपने सांस्कृतिक धरोहरों का अनुरक्षण होगा सो अलग.  .

अभी युनिवेर्सिटी ग्रांट्स कमीशन ने एक ऐसी ही परियोजना पर अपनी मुहर लगाई है "ऐ स्टडी ऑफ़ ग्रोथ एंड डेवेलोपमेंट ऑफ़ रेलिजस टूरिज्म इन नार्थ इंडिया विथ स्पेशल रिफरेन्स टू प्लेसेज ऑफ़ रामायण " .यह अध्ययन डॉ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय द्वारा इंस्टीच्यूट आफ टूरिज्म एंड होटल मनेजमेंट /डिपार्टमेंट के सहयोग से किया जायेगा .मेरा कहना है कि उसके उपरान्त राम पथ का सही निर्धारण  हो जाने के बाद एक भव्य पथ भी बने जो एक बार फिर उत्तर से  दक्षिण तक भारत का सांस्कृतिक सेत बन्धु बने और अपने एक गौरवमयी अतीत की याद दिलाये . इस पर विस्तार से फिर कभी मगर अभी तो इतना ही कि मेरे अगले  दिनों की दिनचर्या में यह मुद्दा भी शामिल होगा .

मंसूबे तो और भी बहुत हैं मगर कुछ के लिए मनाही जारी हो चुकी है गृह विभाग और ब्लोगर वर्ल्ड से भी ..तो उनकी चर्चा  भी क्या करना .अगले कुछ  दिन मेरे लिए मेरे लिए बहुत हेक्टिक होने वाले हैं .

16 टिप्‍पणियां:

  1. हम तो पलकें बिछाए बैठे हैं....... आपके इंतज़ार में...........

    उत्तर देंहटाएं
  2. इस शुभ कार्य के लिए अग्रिम शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  3. इस अध्ययन और अनुसन्धान, दोनों के लिए शुभकामनायें .

    उत्तर देंहटाएं
  4. धार्मिक पर्यटन एक अच्छा सुझाव है. इसके लिये सरकारों को निश्चित ही कुछ प्रयास करना चाहिये. बौद्ध तीर्थों के लिये तो कुछ प्रोजेक्ट हैं, पर हिन्दू तीर्थों के लिये अभी काफी कुछ करना बाकी है. वोट की बात तो मैं नहीं करती पर आर्थिक दृष्टि से यह उत्तम प्रस्ताव है.
    शेष...लखनऊ के लिये शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  5. अटल जुटान की शुभकामनाएं ..
    मंसूबे तो 'दूधौ नहाँय पूतौ फलें ' .. सपूत निकसैं ..

    उत्तर देंहटाएं
  6. आपकी यात्रा मंगलमय हो...आप जिस कार्य के लिए गए हैं उस कार्य में आपको सफलता प्राप्त हो..
    शुभकामना..!!

    उत्तर देंहटाएं
  7. ’राम वन गमन पथ पुनरुद्धार परियोजना’ - शुभ निमित्त है आपका ! राम पूरा करेंगे !

    जुटान की खबर तो रजनीश भाई भी दे ही चुके हैं ।

    उत्तर देंहटाएं
  8. राम वन गमन पथ पुनरुद्धार परियोजना?

    आप यत्न रत रहें। वर्तमान राजनैतिक समीकरण में राम वैसे हाशिये पर हैं। :(

    उत्तर देंहटाएं
  9. भाई लखनउ मे सभी को मेरा नमस्कार कहे । शुभ यात्रा ।

    उत्तर देंहटाएं
  10. aapke hactic magar mere avisnarneey

    meri post par savdhaan karne ka dhanywad

    aapko suchit karun ki main honorary district wild life warden hun

    उत्तर देंहटाएं

यदि आपको लगता है कि आपको इस पोस्ट पर कुछ कहना है तो बहुमूल्य विचारों से अवश्य अवगत कराएं-आपकी प्रतिक्रिया का सदैव स्वागत है !

मेरी ब्लॉग सूची

ब्लॉग आर्काइव