गुरुवार, 10 सितंबर 2009

शनि तो खुद कष्ट में हैं दूसरों को क्या कष्ट देगें !

सुबह का समय कितना तेज भागता है -मेरे पास केवल १० मिनट बचे हैं और मुझे यह बात आप तक पहुचानी ही है  ! पिछले दो ढायी घंटे सुन्दर पोस्टों और उन पर की गयी एक से एक नायाब टिप्पणियां पढने में बीत गया ! यह मंद गति संभव है कल से मेरे ऊपर शनिदेव की कृपा के चलते हुयी हो ! शनि =शनैः शनैः मतलब धीरे  धीरे और चर मतलब चलना ,तो जो धीरे धीरे चले वह क्या हुआ बच्चों ? शनिस्चर या शनिदेव ! ठीक बात !

अपनी तो ठहरी कन्या राशि जिस पर कल की ही भोर की रात में ये महराज आकर ठहर गए हैं और साढ़े सात साल रहेगें जैसा कि ब्लागजगत के ज्योतिषियों ने बाचा है ! बचपन से ही कन्याराशि होने के नाते साथियों की ठोना बोनी का शिकार होता रहा -लोगों ने जान तभी जाकर बख्शी जब बाकायदा दाढी मूंछे आ गयीं और पुरुष हारमोन का प्रभाव प्रत्यक्ष  हो गया ! यह व्यथा कथा कभी अन्यत्र !

लेकिन शनी महराज ने आते ही अपनी स्नेह वर्षा शुरू कर दी है -ऑफिस में नया कम्पयूटर आ गया और इंस्टाल भी हो गया ! कल ही ! जब लोग ९९ के फेर में पड़े रहे -अरे वही ९९९९९९९९९ और न जाने क्या क्या ! शनि महराज दरअसल इस समय खुद भरी कष्ट में है क्योंकि जिन पर उन्हें नाज रहता रहा उनके वही भव्य छल्ले ही गायब  हो गए हैं ! तो वे सारी मानवता को अब खुद दुःख कातर हो देख रहे है -आपदा धर्म अपना चुके हैं ! उनके लिए अनुष्ठान होने चाहिए -शनि देव विघ्न निवारण अनुष्ठान ,कभी कभी सोचता हूँ कि हमारे ये ज्योतिषी कल्पनाशीलता से इतने  रहित क्यों हो गए हैं -उनके इष्ट देव कष्ट में हैं और कहीं से भी विघ्न निवारण मंत्रों की गूँज नहीं सुनायी दे रही -शनिदेव के कष्ट का निवारण करने को कोई शांति मंत्र पाठ नहीं हो रहा ! यह तो चिंता की बात है !

हे ब्लागजगत के ज्योतिषविदों जरा भी तो शनि देव पर तरस खाओ जिन्होंने आपकी पीढियों तक को खिला खिला कर तर किया है उन पर  आज कुछ प्रत्युपकार करना है तो पीछे न हटिये -यहीं ब्लॉग जगत से ही उनके कष्ट निवारण का अनुष्ठान ,जप तप आरम्भ करिए ! यह मेरी निवेदन पोस्ट इसीलिये ही है ! और हां ,हे ब्लागजनों अब शनि से  मत डरिये उनके दुःख में भागीदार बनिए ,वे हमेशा आपके दुखों के भागी रहे हैं ! आज आप साबित कर दीजिये कि धरती वासी मानव कभी भी संकीर्ण और अनुदार नहीं  रहे हैं उनमें पर -दुःख कातरता कूट कूट कर भरी है !

21 टिप्‍पणियां:

  1. शनि देव का नाम ही इतना है की लोगों में भय बना रहता है.
    बढ़िया आलेख!!!

    उत्तर देंहटाएं
  2. चलिए ख़ुशी हुई की शनी देव ने आप पर क्रपा द्रष्टि बनाई आप को नये कंप्यूटर की बधाई , आगे भी आप पर ये क्रपा द्रष्टि बनी रहे इन्ही दुआओ के साथ....

    regards

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपने गलत समझा है .. शनि कन्‍या राशि में साढे सात वर्ष नहीं ढाई वर्ष ही रहेंगे .. ऑफिस में नया कम्पयूटर आने और इंस्टाल हो जाने की आपको बहुत बहुत बधाई .. पर आप भ्रम में हैं कि शनि अप्रभावी हो गए हैं और उन्‍हें हमारी दया कि आवश्‍यकता है .. वे अभी भी उसपर अपना अच्‍छा या बुरा प्रभाव डाल ही रहे हैं जिनपर उन्‍हें डालना है .. अब हमें नजर नहीं आ रहा या हम सटीक गणना नहीं कर पा रहें हैं .. तो यह हमारा दोष है !!

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपके लिये शुभ है!
    नया कम्प्युटर मुबारक हो !

    उत्तर देंहटाएं
  5. कुछ दिनों पूर्व आइज़क एसिमोव का १९७० में प्रकाशित एक निबंध पढ़ रहा था. कुछ यही भावनाएँ उसमें भी थीं. विचित्र बात है कि जैसे जैसे शिक्षा का प्रसार बढ़ रहा है, ज्योतिष जैसी अवैज्ञानिक चीजों में लोगों का रुझान घटने की बजाए बढ़ता जा रहा है.

    उत्तर देंहटाएं
  6. JAI HO SHANI DEV ...... BLOGERS PAR RIRPA KARNA ... ARVIND JI K BHI KHAAS KHYAAL RAKHNA ...

    उत्तर देंहटाएं
  7. शनि चाहे छल्ले दार हों या प्लेन। भयोत्पादक हैं। काले और कड़ुये तेल में सने!

    उत्तर देंहटाएं
  8. शनि के प्रभाव-कुप्रभाव का क्या कहूँ ? पर ऑफिस में नया कम्प्यूटर आने की बधाई । संगीता जी की बात में दम है ।

    उत्तर देंहटाएं
  9. शनि महाराज की जय हो. कृपा दृष्टि बनी रहे महाराज की.

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  10. अरे कष्ट में तो पूरी दुनिया है इसका मतलब ये कहाँ है कि वो दूसरो को परेशान नहीं करते :)

    उत्तर देंहटाएं
  11. ऑफिस में कम्प्यूटर शनिवार को तो नहीं लगवाया आपने?

    इतना परहेज तो मैं भी करता हूँ कि लोहा और मशीनरी का सामान शनिवार को खरीदकर नहीं लाता। इसे अन्धविश्वास मानिए या कुछ और लेकिन जब भी मैने यह गलती की है, नुकसान अवश्य हुआ है। :)

    उत्तर देंहटाएं
  12. शनि का गल्ला तो हर हफ्ते ही रविवार आने तक गायब हो जाता है और सारा हफ्ता गायब ही रहता है.

    उत्तर देंहटाएं
  13. मिश्रा जी, बनारस में भोले बाबा की शरण में बैठे हैं। क्या पता उनकी कृ्पा से ही अब तक शनि प्रकोप से बचे हुए हों..:)

    उत्तर देंहटाएं
  14. शनि अपनी चाल कष्ट से देता है या नहीं..ज्योतिष की इतनी जानकारी तो नहीं है ...मगर इंसान जब मुसीबतों और परेशानियों में घिरता है तो डूबता को तिनके के सहारे की तरह वह हर संभव उपाय करता है तकलीफ कम ना हो ..उसे सहने की मानसिक शक्ति तो मिल ही जाती है ...
    नए कम्पुटर की बहुत बधाई ..!!

    उत्तर देंहटाएं
  15. शनि देव जी की कृपा सभी पर बना रहे यही मेरी प्रार्थना है !

    उत्तर देंहटाएं
  16. चलो आपके लिए तो अच्छा हुआ :) बधाई बढ़िया लेख

    उत्तर देंहटाएं
  17. हमारी राशी पर तो श्निदेव हमेशा प्रसन्न रहते हैं आपको भी शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  18. अरविंद जी, आप कुछ भी कर लें संगीता जी और वत्स जी तो मानने से रहे।
    ह ह हा।
    आफिस में कम्प्यूटर लगने की बधाई। नेट कनेक्शन लगा या नहीं?
    -Zakir Ali ‘Rajnish’

    उत्तर देंहटाएं
  19. लीजिये, हम आपकी पोस्ट पढ़ने के बाद संगीता जी की टिप्पणी से उलझ कर रह गये हैं...

    उत्तर देंहटाएं
  20. नया कम्पयूटर अजी सब से पहले हमारी तरफ़ से बधाई लिजिये, ओर अब इस शनि बाबा की तो जनाब हम ने देखा है जो खुद कष्ट मे होता है वही ज्यादा कष्ट देता है लोगो को, यानि जो खुद नंगा होगा उसे क्या शर्म वो दुसरो को भी.......
    राम राम जी की

    उत्तर देंहटाएं

यदि आपको लगता है कि आपको इस पोस्ट पर कुछ कहना है तो बहुमूल्य विचारों से अवश्य अवगत कराएं-आपकी प्रतिक्रिया का सदैव स्वागत है !

मेरी ब्लॉग सूची

ब्लॉग आर्काइव