रविवार, 30 अगस्त 2009

ब्लॉग दशाब्दि -कतिपय बुनियादी सवाल !

ब्लॉग दशक पर चंद बुनियादी सवालों पर चिंतन मौजू है ! प्रोग्रामर जोर्न बार्जेर ने १९९७ में वेब लाग(Web Log ) शब्द गढा था और दिसम्बर आते आते RobotWisdom.com को मूर्त रूप दिया जिसमें राजनीति ,संस्कृति ,पुस्तक चर्चा ,तकनीक आदि के बेहतरीन लेखों का संग्रह था.वेब लोंग शब्द को एक पीटर मेर्होल्ज ने मजाकिया अंदाज में वी ब्लॉग (We blog ) कहा था ! और फिर यह ब्लॉग बन गया ! यह एक दशक पुरानी बाते हैं ! आज हम अंतर्जाल की इस अद्भुत उपलब्धि के दशाब्दि समारोहों की रूप रेखा तय कर रहे हैं !

इस एक दशक में ही ब्लॉग बहुरूपिये ने क्या क्या रूप नही धरा -साधारण से टेक्स्ट ब्लागिंग से फोटोबलाग्स ,वीब्लाग्स (वीडियो ) ,मोब्लाग्स (मोबाईल से पोस्टिंग) आडीब्लाग्स (ऑडियो ब्लाग्स ) ,पोडकास्ट ,मायिक्रोब्लाग्स,और न जाने क्या क्या ! अनंत संभावनाएं -कंटेंट और कलेवर के साथ स्कोप्स और उद्येश्यों में भी ! यह अनुमान भी लगाना कठिन है की यह आगे नित नित किन रूपों को धरेगा ! मगर यह तय है कि ब्लागों ने मानव अभिव्यक्ति को नए रंग दिए हैं, नए आयाम दिए हैं !

एक अनुमान के मुताबिक आज १० करोड़ ब्लॉग अंतर्जाल की शोभा बढ़ा रहे हैं ! भारतीय भाषाएँ भी पीछे नहीं हैं ! मगर यहाँ सर्वेक्षित ७८९५ ब्लाग्स में ९२ प्रतिशत अंगरेजी के ब्लॉग हैं ,फिर हिन्दी ५२प्रतिशत की भागेदारी कर रही है ,तमिल १९ और मराठी ९ ,तेलगू ७ ,मलयालम की ५ फीसदी की दावेदारी है ! मगर जो बात अब साफ तौर पर दीखने लगी है वह है कंटेंट (अंतर्वस्तु ) की प्रधानता ! यदि कोई क्वालिटी आईटम नहीं दे पा रहा है तो उसके तम्बू अब उखड़ने से लगे हैं ! आईटम नृत्यों से महफ़िल कब तक रोशन रहेगी ! मतलब साफ़ है ब्लागिंग में अब जिम्मेदारी का जज्बा शुरू हो चुका है ! यह अनेक सामजिक उत्तरदायित्वों की तरह अपना भी रुख बहुजन हिताय बहुजन सुखाय की ओर मोड़ रही है !

ब्लॉग लेखन के शुरुआती दौर से ही यह बात रूढ़ हो चली थी कि ब्लॉग निजी डायरी है -अमें लिख ले जो चाहो बिंदास ,अरे भइया /बहना यह जब निजी डायरी है तो काहें इसे सार्वजनिक किए हुए हो -जा अंधेरे में और मुंह काला कर वही -काहें यहाँ नरक मचाये हुए हो ! यह ब्लॉगगंगा कितनो के उद्धार के लिए है -आचमन तो करले इसमें मगर विष्ठा त्याग न कर -कोई ग़लत कहा क्या ? अरे बाबू ,भइया इन बातों पर इस दशाब्दि समारोह के अवसर पर तनिक सोच विचार करिए बस इसी खातिर इन बातों को हम ईहाँ उठा रहे हैं -और एक ठो समारोह भी होने वाला है उसमें भी कुछ बोलना ही पड़ जाय तो ...इसलिए ही ये सवाल यहाँ उछाले हैं ! मत कहियेगा कि हम पूर्वाग्रस्त हो उठे हैं !

25 टिप्‍पणियां:

  1. मगर जो बात अब साफ तौर पर दीखने लगी है वह है कंटेंट (अंतर्वस्तु) की प्रधानता ! यदि कोई क्वालिटी आईटम नहीं दे पा रहा है तो उसके तम्बू अब उखड़ने से लगे हैं !
    यही एक प्रधान और महत्वपूर्ण बात है।

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  2. प्रतिशत का गणित ठीक है क्या? या मेरी समझ में ही खामी है ?

    सत्य बात। यदि ब्लॉग को नितांत निजी रखना है तो केवल अपने को ही एक्सेस दें। सबके सामने रखना है तो कुछ तो मर्यादा पालन करना ही होगा। मर्यादाएँ अनौपचारिक रूप से धीरे धीरे अपने आप विकसित हो जाएँगीं।

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  3. सार संग्रह तो द्विवेदी जी ....ने कह ही दिया ..सच है मिसर जी...आपके लिखे में दम है ..तो वह अपनी जगह अपने आप पकड लेता है ..नहीं तो बकिया तो आना जाना मौसम है..सही समय पर एक दम सही ठोके हैं...

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  4. ब्लॉग का इतिहास और आँकडे अच्छे लगे.विषय वस्तु ही प्रमुख है. अच्छी पोस्ट.

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  5. पॉर्टमेन्टो (portmanteau) शब्द एक ऐसे चमड़े के सूटकेस, जिसके दो भाग हों, के लिये प्रयोग किया जाता है। उसके बाद दो शब्दों से मिल कर बने एक शब्द को पॉर्टमेन्टो कहा जाने लगा। इसलिये ब्लॉग को भी पॉर्टमेन्टो शब्द का दर्जा दिया गया है।

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  6. गिरिजेश जी ने मेरे मन की बात कह दी है। अगर सब के सामने कोई बात रख रहे है तो उसका भी एक सलीका है वरना निजी डायरी को सिर्फ सेल्फ एक्सेस देकर ही रखा जाय, बेकार में ही innocent बनने का दिखावा करना उचित नहीं।

    अच्छी पोस्ट।

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  7. कन्टेन्ट इज़ किंग...दिनेश जी सब बात कह गये.

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  8. शुक्रिया मिश्र जी इन दो अद्‍भुत लिंकों के लिये और "darknet" से परिचय करवाने के लिये!!!

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  9. मतलब ब्लाग लिखना शुरू करने के पहिले तम्बू का जुगाड़ किया जा सके।

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  10. "मतलब साफ़ है ब्लागिंग में अब जिम्मेदारी का जज्बा शुरू हो चुका है ! यह अनेक सामाजिक उत्तरदायित्वों की तरह अपना भी रुख बहुजन हिताय बहुजन सुखाय की ओर मोड़ रही है !"
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    बहुत अच्छी बात है, लेकिन पाठकों की रुचि का भी ध्यान रखना होगा. भारी भरकम शब्दों से लदी-फ़दी उपदेशात्मक पोस्ट नहीं चलेंगी.

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  11. @अरे यह तो अच्छा चेताया आपने ! शुक्रिया !! क्या अब खोमचे - रिक्शेवाले भी ब्लागिंग करने लगे हैं ?हो भी सकता है, बेरोजगारी बढ़ रही है -शान से दो जून की रोटी कमाना कौनसी बुरी बात है ? अगर हाँ तो जरूर सोचना होगा ?

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  12. ब्लोग के विषय में बहुत अच्छी जानकारी!

    हाँ, यह ध्रुवसत्य है कि "कांटेंट इज किंग"।

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  13. बहुत बढिया जानकारी दी आपने.

    रामराम.

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  14. यह अनेक सामजिक उत्तरदायित्वों की तरह अपना भी रुख बहुजन हिताय बहुजन सुखाय की ओर मोड़ रही है ! यही सही हो तो अच्छा है ...शुक्रिया इन आकडों को जानने के लिए

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  15. सबसे जरुरी है ब्लॉग लेखन के पीछे की वजह.. जिस भी वजह से आप लिखते है उसे पूरी इमानदारी से निभाया जाए.. लेखन की इमानदारी ही बेहतर ब्लॉग कीसाँसे है

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  16. ब्लाग है तो सवाल उठते रहेंगे:) सार्थक सवाल के उत्तर समय के साथ मिलते रहेंगे॥

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  17. ITNE SAALE BLOGER HAIN .......... BHAI HAMKO TO PATA HI NAHI THAA...... CHALO HUM BHI UN ME SE EK TO HAIN ...

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  18. अपना निजी जाने अनजाने ही सार्वजनिक होने लगता है । उसके पीछे छिपी होती है क्षण को नैरन्तर्य देने की कशिश । डायरी भी तो साहित्य की एक विधा है ।

    बेहतर लिंक्स दिये हैं आपने । बातें भी महत्वपूर्ण हैं । धन्यवाद ।

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  19. बहुत बढ़िया लिखा है आपने! अच्छी जानकारी प्राप्त हुई आपके पोस्ट के दौरान! धन्यवाद!
    मेरे इस नए ब्लॉग पर आपका स्वागत है-
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com

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  20. It was actually Web-Log and not we-blog, which meant keeping Log on the Web. I wonder who would consider Web-Log as a personal diary. I mean if you are writing someting on the city wall, it is not personal, so everyone who was blogging knew it was in the public domain. It must be called Open Diary, which every one can read.

    स्वप्निल् भारतीया
    World's First science Fiction website in Hindi, check today..

    http://hindi.kalkion.com

    sharadkokas.60@gmail.com

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  21. @The term "weblog" was coined by Jorn Barger[55] on 17 December 1997. The short form, "blog," was coined by Peter Merholz, who jokingly broke the word weblog into the phrase we blog in the sidebar of his blog Peterme.com in April or May 1999.[56][57][58] Shortly thereafter, Evan Williams at Pyra Labs used "blog" as both a noun and verb ("to blog," meaning "to edit one's weblog or to post to one's weblog") and devised the term "blogger" in connection with Pyra Labs' Blogger product, leading to the popularization of the terms.[59]
    (Wikipedia)

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