बुधवार, 3 अगस्त 2011

बम भोले नाथ ,बाब मार्ली और मोबाईल का रिंग टोन

जब भी मेरे मोबाईल फोन का रिंग  टोन बजता है बाब मार्ली का गाया हुआ  अद्भुत विस्मयपूर्ण और श्रद्धाभाव से परिपूर्ण गीत सुनायी पड़ता है....जब यह रिंग टोन पहली बार बेटे ने सुनाया था तो मुझे कुछ पल के लिए नए जमाने के लड़कों की रूचि पर क्षोभ हुआ था मगर जब मैंने एक दो बार इसे सुना तो इसके प्रति समर्पित होता गया ...और ऐसा लगभग सभी मेरे मित्रों के साथ हुआ जिन्होंने मेरे साथ ही इस अद्भुत गीत को अब अपने मोबाईल का रिंग टोन बना लिया है.... 

बाब  मार्ली(6 फरवरी  1945 – ११ मई  1981) ) पर  विकीपीडिया पर पर्याप्त जानकारी है ...फिर भी बताता  चलूँ कि जमैकावासी बाब मार्ली अश्वेत गायकों में एक जानी मानी शख्सियत रहे और बाबा भोलेनाथ के प्रति उनके मन में ख़ास अनुराग था ...वे नेपाल में तो विष्णु के अवतार तक माने गए ...जो वीडिओ यहाँ है उस पर कुछ विवाद है कि उसे बाब के बजाय किसी और ने गाया है ....मगर ऐसी दावेदारियां मशहूर कृतियों के साथ तो होती रहती है ..मैं जब बाब का जीवन चरित पढ़ रहा था तो यह बात मुझे इस महान गायक के प्रति संवेदित कर गयी कि बहुत अल्पकाल में ही और कैंसर से  घोर वेदना और एकाकीपन में इनकी मौत हुई .

इस समय बनारस में बाबा भोले नाथ का ही जलवा चहुँ और है ...सावन (श्रावण ) में बाबा के दर्शन का बड़ा पुण्य माना गया है और खासकर सभी सोमवारों को -सोम अर्थात चन्द्रमा जो शिव के सर पर सुशोभित हैं -तो शिव और चंद्रमा का यह संयोग प्रत्येक सोमवार को ख़ास लाभकारी समझा गया ...ऐसे में बाब मार्ली का का यह गीत और भी अर्थपूर्ण हो उठता है ...आप भी सुने ..पहली बार अच्छा न लगे तो दुबारा तिबारा सुने ..सहसा आपको लगेगा कि आप की रूचि इस अद्भुत गीत में बढ़ती जा रही है -विश्वास न हो तो आजमा कर देखें -आप भी इसे अपना रिंग टोन बनाना चाहेगें! 

43 टिप्पणियाँ:

वाणी गीत ने कहा…

विदेशी गायक का शिव के प्रति प्रेम अभिभूत कर रहा है , मगर रिंग टोन !!
पसंद अपनी -अपनी !

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

भक्तिभाव से परिपूर्ण मन से निकला स्वर, अद्भुत।

वाणी गीत ने कहा…

कृति पर विवाद और कैंसर से मृत्यु ...
कैसा संयोग है, देखिये यहाँ -http://www.hindustantimes.com/The-mystery-of-Rohan-Rathore/Article1-666703.aspx ...

सतीश सक्सेना ने कहा…

बच्चों से दोस्ती करने के बड़े फायदे हैं अन्यथा आपको बाब मार्ली के बारे में शायद ही पता चलता, हमने तो अधिकतर जिंदगी एस डी बर्मन सुनते हुए ही काट ली.....
बहरहाल हमें आपके द्वारा पता चला ...आभार आपका !

वर्ज्य नारी स्वर ने कहा…

Hmm...badiya post hai .. jaankaari miliili

अभिषेक मिश्र ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
अभिषेक मिश्र ने कहा…

अपने भावों की अभिव्यक्ति का अपना अंदाज है, हम अक्सर एक झटके में ही किसी को नकार देते हैं; मगर जैसा कि आपने कहा दो-तीन बार सुन लें तो समझ बनने ही लगती है.
युवाओं की रुचियों और व्यवहार को भी अक्सर नकारात्मक नजरिये से ले लिया जाता है. उनकी फेवरेट लिस्ट में बाबा सहगल से लेकर पं. रविशंकर भी मिलेंगे. यह विविधता पिछली पीढ़ी के किसी व्यक्ति में एक साथ मिलना कठिन है.

युवाओं के प्रति इसी सोच को मैंने अपने ब्लॉग 'धरोहर' की नई पोस्ट - "देल्ही बेली की कॉपी - पेस्ट नहीं है युवा पीढ़ी" में भी व्यक्त किया है.

सावन की शुभकामनाएं.

निशांत मिश्र - Nishant Mishra ने कहा…

पहली बात तो यह आवाज़ बॉब मार्ली की नहीं लग रही.
दूसरी यह कि गायन पर वाद्य हावी हैं. असर डालने में प्रभावी नहीं.

निशांत मिश्र - Nishant Mishra ने कहा…

बीटल्स का 'Across the Universe - जय गुरुदेव' सुनिए. शानदार गीत!
http://www.youtube.com/watch?v=SQ_G9ETE21U

Sunil Kumar ने कहा…

किसी विदेशी के द्वारा गाया बम भोले पहले बार सुना आपका और आपके बेटे दोनों का आभार ..

ali ने कहा…

बाब मार्ली के गेटअप से उत्तर प्रदेश के एक जाने माने हिन्दी ब्लागर की प्रतीति होती है ! इसके अलावा दोनों के भक्तिभाव में एकरूपता तो खैर है ही !

veerubhai ने कहा…

grooveshark.कामपर भी गया .यह गीत नहीं किला .लेकिन स्थाई ही धड़कन बनके दिल में उतर गया ,हिमोग्लोबिन में मिल गया .दिल्ली जाकर भतीजे की मदद लूंगा वह दीवाना है विदेशी संगीत का .स्थाई की मुर्कियाँ गज़ब की हैं .जो टिपण्णी कार- इतर राय रखतें हैं वह भी सहीं हैं संगीत व्यक्तिगत रुचि का सौदा है जो संगीत अच्छा नहीं लगता वह शोर लगता है और जो अच्छा उस का उच्चतर स्वर भी आह्लादित तरंगित करता है .

डॉ टी एस दराल ने कहा…

संगीत का अद्भुत मिश्रण है ।

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

अद्भुत शैली ..

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

हर हर महादेव!!

Gyandutt Pandey ने कहा…

मुझे तो मनोज मिश्र का बालम मोर गदेलवा पसन्द आता है।

सतीश पंचम ने कहा…

संगीत के बारे में यह बात सच है कि कुछ गाने पहले पहल सुनने में अच्छे नहीं लगते लेकिन एक दो बार सुनने के बाद सुरूर चढ़ने लगता है।

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

सुंदर स्वर.... सच में मन को छूता है...

Vivek Rastogi ने कहा…

हर हर महादेव, जय शिव ओंकारा

जहाँ शिव का नाम वहीं बस जाते हैं हम रम जाते हैं हम ।

अशोक कुमार शुक्ला ने कहा…

Jai bhole shankar.
Videshi dhartee ke is shankar bhakt ke baare me maine pahli baar jana.
Nayi jankaari ke liye dhanyawad.bam bam bhole.

Arvind Mishra ने कहा…

निशांत जी आपके दिए लिंक का गीत मुझे तो सिरे से पल्ले नहीं पडा -संगीत की आपकी अभिरूचि बहुत परिष्कृत और अभिजात्य लगती है -हम तो लौकिक भोंडेपन से ही मजा निकाल लेते हैं !

Arvind Mishra ने कहा…

@वाणी जी ,
बिलकुल मिलता जुलता मामला है

P.N. Subramanian ने कहा…

किसी गीत को बार बार सुनने से आसक्ति हो ही जाती है. पहले से पूर्वाग्रह बन गया हो तो कुछ मुश्किल है.

veerubhai ने कहा…

बर्फिंग गीत संगीत के पर नोंच रही है कल से लगें हुएँ हैं सुन नहीं पा रहें हैं पूरा गीत .अच्छी पोस्ट ..कृपया यहाँ भी - http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/2011/08/blog-post_04.html

Amrita Tanmay ने कहा…

मधुर है , कर्णप्रिय भी . सुनने योग्य वर्ना आज कानफोरू संगीत या रिंगटोन से अच्छा साईलेंट मोड ठीक है .

rashmi ravija ने कहा…

मधुर स्वर है.......पर रिंगटोन तो सबकी अपनी पसंद की होती है...बल्कि व्यक्तित्व की एक झलक भी दे जाती है...

अनूप शुक्ल ने कहा…

ये वाली रिंग टोन तो अभी सुननी है। लेकिन आपके मोबाइल की रिंग टोन रोबीली आवाज में दिनकर की कविता होनी चाहिये- जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनके भी अपराध

या फ़िर:
क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो!

Rahul Singh ने कहा…

अनूठापन आकर्षित कर रहा है, सुनते हुए लगता है कोई एकांत साधना, गुह्य कर्मकाण्‍ड हो रहा है, जिसकी पृष्‍ठभूमि का गीत हो यह.

अनूप शुक्ल ने कहा…

रिंग टोन सुनी। अनूठी है लेकिन एक अजब सा थकाथका पन महसूस हुआ इसमें। आप तो किसी धाकड़ शंकर भक्त की आवाज में शंकरजी के मोबाइल की रिंग टोन लगवा लीजिये-

डमऽडमऽडमऽ निनाद ,डमऽडमऽडमऽ वयम,
चिकाड़ चारु ताण्डवम्‌,तनों-तुन: शिव:शिवम्‌।

ज्योति सिंह ने कहा…

आप भी सुने ..पहली बार अच्छा न लगे तो दुबारा तिबारा सुने ..सहसा आपको लगेगा कि आप की रूचि इस अद्भुत गीत में बढ़ती जा रही है -विश्वास न हो तो आजमा कर देखें -आप भी इसे अपना रिंग टोन बनाना चाहेगें!
aapke blog par bahut dino aana hua ,hum bachpan se hi bhakt hai prabhu ke ,abhi mahakaal ke darshan bhi karke laute hai ,sab devo ke dev hai hamare mahadev ,har har mahadev ki jai .geet pahli baar me hi bha gaya ,phir sunoongi ,dhanyabaad .

संतोष त्रिवेदी ने कहा…

सावन के सोमवार की छटा तो हम जब गाँव में रहते थे,तभी देखने को मिलती थी.पास में शंकर जी का पुराना मंदिर और हर सोमवार मेला....खूब आनंद आता था.अब लगता है,सारी दिनचर्या ही बदल गयी है!
पहली बार बॉब मार्ली की धुन सुनी...संगीत की भाषा 'ग्लोबल' है !

अल्पना वर्मा ने कहा…

क्लिप को सुनकर टिप्पणी लिखेंगे.

veerubhai ने कहा…

भाई साहब आपका शुक्रिया प्रोत्साहन के लिए ,चौतरफा हमें प्रोजेक्ट करने के लिए .आप हमारे जूम लेंस हैं .अगली पोस्ट का इंतज़ार है आपकी .

veerubhai ने कहा…

बफरिंग ने आज पिंड छोड़ दिया ,गीत छा गया मन पर कोई इंडियन गाता ,इतना रस न आता ........http://sb.samwaad.com/
http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

अभी सुनती हूं, फिर बताती हूं :)

अल्पना वर्मा ने कहा…

अब सुना बाब मारली साहब को ..लेकन ईमानदारी से कहूँ तो.पहली बार में तो पसंद नहीं आई . दोबारा सुनने की इच्छा नहीं .
--------
शिव नाम सुनते ही भक्ति भाव मन में भर जाएँ ऐसा कुछ हो तो लगे स्तुति है.
मेरी पसंद के शिव भजन सुनने हों तो इन्हें सुनिये -शिव महिमा --नाम की -पूरी सी डी सुनिए ..अनुराधा पोडवाल की आवाज़ में ...हे शम्भु बाबा मेरे भोले नाथ..तीनो लोक में तू ही तू ...बहुत ही सुन्दर भजन है.

-------------
रिंग टोन सामान्य फोन जैसी ही रहे तो बेहतर लगती है ..उसके अतिरिक्त गाने वाने -डायलोग आदि तो मुझे कुछ नहीं सही लगता.
.बाकि पसंद अपनी -अपनी!

अल्पना वर्मा ने कहा…

http://www.youtube.com/watch?v=GfLBJZR8rs0

hey shmbhu baba mere bhole naath...suneyee agar nahin suna hai to..

Vijay Kumar Sappatti ने कहा…

ये मेरे मनपसंद गायकों में से एक है .. आपकी इस पोस्ट ने मन प्रसन्न कर दिया ...

आभार
विजय

कृपया मेरी नयी कविता " फूल, चाय और बारिश " को पढकर अपनी बहुमूल्य राय दिजियेंगा . लिंक है : http://poemsofvijay.blogspot.com/2011/07/blog-post_22.html

veerubhai ने कहा…

http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/2011/08/blog-post_06.html शुक्रिया भाई साहब .http://veerubhai1947.blogspot.com/
शुक्रवार, ५ अगस्त २०११
Erectile dysfunction? Try losing weight .

Kajal Kumar ने कहा…

शुरू का हिस्सा सुनकर लगा कि हमारे गाने भी पाइरेट होने लगे क्या ... फिर धीरे धीरे बाब की स्वा सुनाई दिया तो पता चला...

Udan Tashtari ने कहा…

दो बार सुन चुके...अभी भी बज रहा है...

Vivek Jain ने कहा…

भक्तिभाव से परिपूर्ण कर गया आपका आलेख,
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

सुन ली रिंग-टोन. अच्छी है, लेकिन इनके गायन से जोश ग़ायब है.

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