बुधवार, 1 अप्रैल 2009

वोट मांगने की यह स्टाईल पसंद आयी !

आज मुझे ही नही वाराणसी संसदीय क्षेत्र के तमाम मतदातातों को उनके मोबाईल फोन पर यह एस एम् एस मिला -
एक बात पते की -
सेवा-श्रवण से
मित्रता -किशन से
मर्यादा -राम से
तपस्या -महावीर से
दान -कर्ण से
लक्ष्य -एकलव्य से
अहिंसा -बुद्ध से
बनारस का विकास -फलां प्रत्याशी से !
अब आप अगर भारतीय पुराकथाओं की जानकारी या रूचि नहीं रखते तो यह विवरण आपके किसी काम का नहीं ! मगर यदि आपकी इस विषय की जानकारी पुख्ता है तो फिर इसे पढ़ कर आपको जरूर आनंद आया होगा ! क्या आप इस फेहरिस्त में कुछ और भी जोड़ सकते हैं !

27 टिप्‍पणियां:

  1. बनारस तो विद्वानों का शहर है अब भला कहीं और से कहाँ ऐसे चुनावी नारों की उम्मीद की जा सकती है .नारे मजेदार भीं है और नए भी .

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  2. इन में से संभव कुछ भी नहीं। कुछ भविष्य के लिए भी तो होना चाहिए।

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  3. सही तो कहते हैं सेवा श्रवण (सुनने मात्र) से। सेवा के लिये इन महानुभाव को कुछ करना थोड़े ही है! बस सुनना है!

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  4. मजा आया...बस इतना ही बहुत है....!!

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  5. "सत्यप्रियता राजा हरिस्चन्द्र से "
    और
    "सावधानी आज के कपटी नेताओँ से"
    : भी जोड लेँ :)

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  6. यह मैसेज आज ही मिला न ! खयाल करिये आज पहली अप्रैल है ।

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  7. तुनकमिज़ाजी ममता से,
    मौकापरस्ती माया से,
    बदतमिजी उमा से,
    दल-बदल अजीत से,
    खरीद-फ़रोख्त कांग्रेस से,
    बिकना-बिकवाना सोरेन से,
    सवाल उठाना प्रदीप से,
    रिशव्त लेना दीलिप सिंह से,
    अंट-शंट बकना राज से,
    लंद-फ़ंद करना अमर से,
    और बहुत लम्बी लिस्ट है भैया।

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  8. वाह, चुनाव प्रचार का साहित्यिक हाईटेक अंदाज!

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  9. एक बात पते की -
    सेवा-श्रवण से
    मित्रता -किशन से
    मर्यादा -राम से
    तपस्या -महावीर से
    दान -कर्ण से
    लक्ष्य -एकलव्य से
    अहिंसा -बुद्ध से
    बनारस का विकास -फलां प्रत्याशी से

    " क्या अंदाज है ..."

    Regards

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  10. ब्लॉगिंग ज्ञान जी से..
    टिप्पणिया समीर जी से..
    मौज अनूप जी से..
    पहेलिया ताऊ जी से
    पर्यवेक्षण अरिविंद जी से
    पिटाई लवली जी से :)

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  11. लतियलता = ब्लागरी से.

    इस पर भी ्विचार किया जा सकता है?

    रामराम.

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  12. भाई, इन ब्लागर बन्धुओं से भी तो कुछ सीख लें.

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  13. अब तो उत्तर प्रदेश मे राजनिती से कोइ विकाश होना असम्भव लगता है चाहे किसी भी हस्ती कि दुहाई दे

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  14. रोचक एसएमएस है, आजकल एसएमएस का इसी तरह से दुरूपयोग हो रहा है।

    -----------
    तस्‍लीम
    साइंस ब्‍लॉगर्स असोसिएशन

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  15. भ्रष्टाचार : कॉंग्रेस से

    ख़रीद-फ़रोख़्त : तीसरे मोर्चे से
    अवसरवाद : क्षेत्रीय दलों से

    पलटीमार : बसपा से

    धर्म तो क्या, भगवान तक की दुकानदारी : भाजपा से

    कह कलकत्ता कर मुंबई : वाममोर्चे से


    चुनाव के दौर में यह सूची बड़ी लम्बी हो जाएगी. कहाँ तक गिनाऊँ!

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  16. मैंने तो देखा ही नही था ...आजकल मेरे चर्चे कहाँ कहाँ हो रहे हैं :-)

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  17. @कुश आप ठीक कहते हैं पर्यवेक्षण में पिटाई का खतरा तो निहित है ही -मगर इस पिटाई में भी एक आनंद है ! बोलो है ना !

    @लवली ,चर्चा तो उन्ही की होती है जो उसके काबिल होते हैं ! कुश तो निमित्त मात्र हैं !

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  18. उत्‍तम। इष्‍टदेव सांकृत्‍यायन जी का योगदान भी गौर करने लायक है :)

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  19. एस एम् एस में अंतिम पंक्ति 'बनारस का विकास -फलां प्रत्याशी से' छोड़ कर बाकी सब सच है.

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  20. एस एम एस तो एस एम एस, टिप्पणियाँ भी सुभान अल्लाह!!

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  21. आप का ब्लाग बहुत अच्छा लगा।
    मैं अपने तीनों ब्लाग पर हर रविवार को
    ग़ज़ल,गीत डालता हूँ,जरूर देखें।मुझे पूरा यकीन
    है कि आप को ये पसंद आयेंगे।

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